Indian Constitution - Age limits (भारत के प्रमुख पदाधिकारियो से सम्बन्धित उम्र तथ्य)

Last Updated: 26 जनवरी 2026

भारत के प्रमुख पदाधिकारियों से सम्बन्धित न्यूनतम एवं अधिकतम आयु सीमा

भारतीय संविधान में विभिन्न संवैधानिक एवं राजनीतिक पदों के लिए आयु से सम्बन्धित स्पष्ट प्रावधान किए गए हैं। यह विषय UPSC, RPSC (RAS), SSC, रेलवे एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाता है। इस लेख में भारत के प्रमुख पदाधिकारियों की न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा को सरल भाषा में समझाया गया है।

भारत के प्रमुख पदाधिकारियों की आयु सीमा (तालिका)

पद का नाम न्यूनतम आयु अधिकतम आयु संवैधानिक अनुच्छेद
भारत के राष्ट्रपति 35 वर्ष कोई सीमा नहीं अनुच्छेद 58
भारत के उपराष्ट्रपति 35 वर्ष कोई सीमा नहीं अनुच्छेद 66
प्रधानमंत्री 25 वर्ष (लोकसभा सदस्य) कोई सीमा नहीं अनुच्छेद 75
लोकसभा सदस्य 25 वर्ष कोई सीमा नहीं अनुच्छेद 84
राज्यसभा सदस्य 30 वर्ष कोई सीमा नहीं अनुच्छेद 84
राज्यपाल 35 वर्ष कोई सीमा नहीं अनुच्छेद 157
मुख्यमंत्री 25 वर्ष कोई सीमा नहीं अनुच्छेद 164
राज्य विधान सभा सदस्य (MLA) 25 वर्ष कोई सीमा नहीं अनुच्छेद 173
राज्य विधान परिषद सदस्य (MLC) 30 वर्ष कोई सीमा नहीं अनुच्छेद 173
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यूनतम तय नहीं 65 वर्ष अनुच्छेद 124
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यूनतम तय नहीं 65 वर्ष अनुच्छेद 124
हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यूनतम तय नहीं 62 वर्ष अनुच्छेद 217
मुख्य चुनाव आयुक्त न्यूनतम तय नहीं 65 वर्ष अनुच्छेद 324
भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) न्यूनतम तय नहीं 65 वर्ष अनुच्छेद 148

महत्वपूर्ण तथ्य (Exam Oriented Points)

  • राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति पद के लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष अनिवार्य है।
  • लोकसभा व विधानसभा के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष है।
  • राज्यसभा व विधान परिषद के लिए न्यूनतम आयु 30 वर्ष होती है।
  • अधिकांश राजनीतिक पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा निर्धारित नहीं है।
  • न्यायपालिका पदों में ही अधिकतम आयु सीमा स्पष्ट रूप से निर्धारित है।

परीक्षा में पूछे जाने वाले संभावित प्रश्न

  • भारत के राष्ट्रपति बनने की न्यूनतम आयु कितनी है?
  • राज्यसभा सदस्य की न्यूनतम आयु क्या है?
  • हाईकोर्ट के न्यायाधीश की सेवानिवृत्ति आयु कितनी होती है?
  • प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम आयु क्या है?

निष्कर्ष

भारत के संविधान में विभिन्न पदों के लिए निर्धारित आयु सीमाएँ लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। यह विषय न केवल सामान्य ज्ञान बल्कि UPSC, RAS, SSC, Railway और State PCS परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।